घर एवं वास्तुकला स्टूडियो सिरका बनाने की एक बंद पड़ी फैक्ट्री का यह अविश्वसनीय रूपांतरण पूर्णतः संधारणीय (सस्टेनेबल) पद्धति से किया गया है। यह स्थान को ठंडा रखने के लिए प्राकृतिक स्टैक प्रभाव का उपयोग करता है, साथ ही इसका निर्माण शून्य-अपशिष्ट समाधान के साथ किया गया। किसी भी कचरा-कंटेनर (स्किप) का प्रयोग नहीं हुआ। साइट पर मौजूद हर वस्तु को पुनः उपयोग, पुनर्चक्रित अथवा नए प्रयोजन में लाया गया। तहखाने को वास्तुकला स्टूडियो में परिवर्तित किया गया और उसके ऊपर तीन मंजिला पारिवारिक निवास बनाया गया। बड़े-बड़े टैंकों (वैट्स) को चतुराई से प्लांटर्स, वर्कस्टेशन, शौचालय, कपड़े धोने के स्थान और यहाँ तक कि एक मछली-तालाब के रूप में पुनः उपयोग में लाया गया। छत के एक-तिहाई हिस्से को हटाकर उद्यान प्रांगण बनाया गया, जिसके फलस्वरूप भवन में प्राकृतिक प्रकाश भरपूर मात्रा में प्रवेश करता है।