प्रकाश कला संस्थापन मिस्टिकल सर्पेंट (रहस्यमय सर्प) एक प्रकाश कला संस्थापन है, जिसे चीन के शंघाई में स्थित एक सदी पुरानी इमारत के अग्रभाग पर सृजित किया गया है। यह कृति प्राचीन चीन और प्राचीन रोम की सर्प-कथाओं का सम्मिश्रण प्रस्तुत करती है। इसका मुख्य ढाँचा हल्के, पुनर्चक्रण योग्य पदार्थ से निर्मित एक वायु-भरित (इन्फ्लेटेबल) आकृति है, जो इमारत की खिड़कियों से होकर बल खाती हुई ज़मीन तक फैलती है। दीवारों पर लगा मुद्रित वस्त्र और काँच पर चिपकाए गए स्टिकर मिलकर छद्म त्रि-आयामी प्रभाव वाला भित्ति-चित्र रचते हैं। पूर्वी और पाश्चात्य अभिप्रायों को एक समरस रंग-योजना में संयोजित किया गया है। यह संस्थापन क्षैतिज और लंबवत स्थानों को जोड़ता है तथा पुराने अग्रभाग को एक नया स्वरूप प्रदान करता है।